साल 1947 की वो दिवाली थी शौर्य वाली क्योंकि तब भारत की सेना के जांबाज़ कश्मीर को पाकिस्तान से बचाने के लिए लड़ रहे थे. इन्हीं में एक थे मेजर सोमनाथ शर्मा और उनकी बटालियन जो सैंकड़ों कबाइलियों से घिर चुकी थी. इसके बाद भारतीय सैनिकों ने जो पराक्रम दिखाया उसे समझने की जरूरत है.
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