उनकी 62 साल थी, जब वे देश के स्वतंत्रता आंदोलन (Freedom Struggle) से जुड़ी. अंग्रेजों ने 72 साल की उम्र में उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया लेकिन उन्होंने मरते दम तक तिरंगे (tricolor) को नहीं गिरने दिया और मुंह से वंदे मातरम निकलता रहा.
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